अकालमृत्यु के नाश तथा अमृतसिद्धि प्राप्ति हेतु करें श्री श्रीधराचार्य कृत गणेश प्रार्थना

अकालमृत्यु के नाश तथा अमृतसिद्धि प्राप्ति हेतु करें श्री श्रीधराचार्य कृत गणेश प्रार्थना

।। श्री गणेश प्रार्थना ।।

श्रीमत्परमहंसपरिव्राजकाचार्य श्रीश्रीधरस्वामिजी के द्वारा दो छन्दों में भगवान् विघ्नेश की प्रार्थना की गयी है । इसके वाचन से शास्त्रों को समझने में सहजता एवं सरलता प्राप्त होती है ।  

आनन्दरूप करुणाकर विश्वबन्धो
            सन्तापचन्द्र भववारिधिभद्रसेतो ।                
हे विघ्नमृत्युदलनामृतसौख्यसिन्धो
            श्रीमन् विनायक तवाङ्घ्रियुगं नताः स्मः ॥१॥ 

हे आनन्दस्वरूप श्रीमन् विनायक ! आप करुणा की निधि एवं सम्पूर्ण जगत्‌ के बन्धु (अकारण हितैषी) हैं, शोकसंताप का शमन करने के लिये परमाह्लादक चन्द्रमा हैं, भव-सागर से पार होने के लिये कल्याणकारी सेतु हैं तथा विघ्नरूपी मृत्यु का नाश करने के लिये अमृतमय सौख्य के सागर हैं; हम आपके युगल-चरणों में प्रणाम करते हैं ।

यस्मिन्न जीवजगदादिकमोहजालं 
            यस्मिन्न जन्ममरणादिभयं समग्रम् ।
यस्मिन् सुखैकघनभूम्नि न दुःखमीषत्
            तद् ब्रह्म मङ्गलपदं तव संश्रयामः ॥२॥

जिसमें जीव-जगत् इत्यादि मोहजाल का पूर्णतः अभाव है; जहाँ जन्म-मरण आदि का सारा भय सर्वथा है ही नहीं; जिस अद्वितीय आनन्दघन भूमा में किंचिन्मात्र भी दुःख नहीं है, उस ब्रह्मस्वरूप आपके मंगलमय चरणकी हम शरण लेते हैं । 

॥ इति श्रीमत्परमहंसपरिव्राजकाचार्य श्रीश्रीधरस्वामिकृता श्रीगणेशप्रार्थना सम्पूर्णा ॥

वैदिक पद्धति से विशिष्ट पूजा-पाठ, यज्ञानुष्ठान, षोडश संस्कार, वैदिकसूक्ति पाठ, नवग्रह जप आदि के लिए हमारी साइट vaikunth.co पर जाएं तथा अभी बुक करें ।

Vaikunth Blogs

विघ्नों की शान्ति, सदा मङ्गल की कामना तथा कारागार से मुक्ति हेतु करें गजानन स्तोत्र पाठ
विघ्नों की शान्ति, सदा मङ्गल की कामना तथा कारागार से मुक्ति हेतु करें गजानन स्तोत्र पाठ

।। श्री गजानन स्तोत्रम् ।। भगवान् गणेश समस्त देवताओं द्वारा वन्दनीय तथा विश्वव्यापी देवता हैं । भ...

वाणी में प्रखरता तथा दुर्लभ वस्तुओं की प्राप्ति के लिए करें श्रीगणेश भुजङ्गस्तोत्रम्
वाणी में प्रखरता तथा दुर्लभ वस्तुओं की प्राप्ति के लिए करें श्रीगणेश भुजङ्गस्तोत्रम्

।। श्रीगणेशभुजङ्गस्तोत्रम् ।। श्रीशंकराचार्य जी द्वारा विरचित भगवान् गणेश का यह दिव्य स्तोत्र है।...

दु:ख-द्रारिद्रय की निवृत्ति तथा धन-धान्य की वृद्धि हेतु करें श्री गणेश स्तुति
दु:ख-द्रारिद्रय की निवृत्ति तथा धन-धान्य की वृद्धि हेतु करें श्री गणेश स्तुति

।। श्री गणेश स्तुति ।।  श्रीब्रह्मपुराण में देवताओं के द्वारा भगवान् गणेश की यह स्तुति की गयी है...

चतु:पुरुषार्थ प्राप्ति कराने वाला पद्मपुराणोक्त श्री गणपति वन्दना
चतु:पुरुषार्थ प्राप्ति कराने वाला पद्मपुराणोक्त श्री गणपति वन्दना

।। श्री गणपति वन्दना ।। यह गणपति वन्दना श्रीपद्मपुराण के सृष्टिखण्ड में महर्षि वेदव्यासजी द्वारा...

व्यवसाय की वृद्धि, मेधा प्राप्ति, आर्थिक समृद्धि, यश विस्तार तथा विघ्न-बाधाओं के निवारण हेतु करें पाठ
व्यवसाय की वृद्धि, मेधा प्राप्ति, आर्थिक समृद्धि, यश विस्तार तथा विघ्न-बाधाओं के निवारण हेतु करें पाठ

।। श्रीगणपति अथर्वशीर्षम् ।। यह अथर्वशीर्ष अथर्ववेद का शिरोभाग हैं जिस प्रकार मनुष्य के सम्पूर्ण...

द्रारिद्रय का विनाशक एवं लक्ष्मी की प्राप्ति हेतु श्री उच्छिष्ट गणेश स्तवराज स्तोत्र
द्रारिद्रय का विनाशक एवं लक्ष्मी की प्राप्ति हेतु श्री उच्छिष्ट गणेश स्तवराज स्तोत्र

।। श्री उच्छिष्ट गणेश स्तवराज ।। श्रीरुद्रयामलतन्त्रके अन्तर्गत हर-गौरीसंवाद में यह स्तोत्र हमें...

 +91 |

By clicking on Login, I accept the Terms & Conditions and Privacy Policy

Recovery Account