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सूर्य ग्रह

सूर्य ग्रह

 भारतीय ऋषियों ने अपनी साधना, परिश्रम एवं दिव्य ज्ञान के द्वारा ग्रहों

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कुम्भ विवाह

कुम्भ विवाह

विवाह गृहस्थाश्रम की आधारशिला है और उसी के माध्यम से व्यक्ति देव,ऋषि, पितृ इन तीनों ऋण से...

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गुरु चाण्डाल योग

गुरु चाण्डाल योग (दोष) पूजा

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब जातक की कुण्डली में राहु और बृहस्पति ग्रह एक साथ विद्यमान हों...

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अभिलाष्टक

अभिलाष्टक स्तोत्र पाठ

 मुनि विश्वानर कृत सम्पूर्ण मनोकामनाओं को तथा विशेषतः पुत्र प्राप्ति की अभिलाषा को पूर्ण

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नृसिंह चतुर्दशी

नृसिंह चतुर्दशी

    नृसिंह भगवान् :- नृसिंह अथवा नरसिंह भगवान् को पुराणों के अनुसार  विष्णु का अवतार स्वीक...

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रुद्रसूक्त

अमोघ शिवकवच

यह  कवच श्रीस्कन्द पुराण के ब्रह्मोत्तर खण्ड में वर्णित है।

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diwali

दीपावली एवं महालक्ष्मी पूजन

विश्व के सभी देशों में भारतवर्ष ही एक ऐसा देश है जिसमें सभी देवी- देवताओं की पूजा- अर्चना...

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श्रीराम

विजयादशमी (दशहरा)

भारतीय संस्कृति सदा से ही वीरता व शौर्य की समर्थक रही है। 

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विष्णुसूक्त

विष्णु होम

विष्णु होम को 'परमात्म होम' अथवा 'परब्रह्म' होम भी कहा जाता है,

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शिवाथर्वशीर्षम्

महामृत्युञ्जय होम

 यद्यपि वैदिक अथवा पौराणिक मन्त्र विशिष्ट शक्ति सम्पन्न होता है तथापि महामृत्युजय मन्त्र म...

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सर्वमनोरथप्रद र

सर्वमनोरथप्रद रुद्रहोम

पुराणों में भगवान् शिव को ही रुद्र नाम से व्याख्यायित किया गया है।

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नारायणसूक्त

नारायणसूक्त पाठ एवं हवन

 समस्त जीव समूह को नार संज्ञा दी गयी है और उन समस्त जीवों का जो अयन (आश्रय) है,

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विष्णुसूक्त

विष्णुसूक्त पाठ एवं हवन

सर्वव्यापक होने के कारण परमेश्वर का एक नाम विष्णु भी है।

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पुरुषसूक्त

पुरुषसूक्त पाठ एवं हवन

 वैदिक सूक्तों में पुरुषसूक्त का स्थान अत्यन्त महनीय है।

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गणपतिसूक्त

ब्रह्मणस्पति (गणपतिसूक्त ) पाठ एवं हवन

गणपति सूक्त को ब्रह्मणस्पति सूक्त भी कहा जाता है।

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सरस्वतीसूक्त

सरस्वतीसूक्त पाठ एवं हवन

सरस्वती ज्ञान की अधिष्ठातृ देवी हैं।

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मेधासूक्त

मेधासूक्त पाठ एवं हवन

 मेधाशब्द का शाब्दिक अर्थ होता है - धारणाशक्ति, प्रज्ञा, बुद्धि आदि। मेधाशक्ति से सम्पन्न...

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देवीसूक्त

देवीसूक्त (वाक् सूक्त) पाठ एवं हवन

 देवी सूक्त को वैदिकवाङ्मय में वाक् सूक्त भी कहा गया है तथा इसी सूक्त को आत्मसूक्त भी कहते...

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