सभी प्रकार की मंगल कामनाओं की पूर्ति हेतु करें माता कामेश्वरी की यह स्तुति

सभी प्रकार की मंगल कामनाओं की पूर्ति हेतु करें माता कामेश्वरी की यह स्तुति

श्री महाभागवतपुराण में युधिष्ठिर जी द्वारा माता कामेश्वरी की स्तुति की गयी | माता कामेश्वरी सभी प्रकार की मंगल कामनाओं को पूर्ण करने वाली हैं | इस स्तुति के अन्तर्गत भगवती के विभिन्न स्वरूपों का ध्यान करते हुए उन्हें  प्रणाम किया गया है | जो साधक कामेश्वरी स्तुति का प्रतिदिन प्रातःकाल या सांयकाल पाठ करता है उसकी समस्त कामनाएं पूर्ण होती हैं एवम् भगवती की कृपा प्राप्त होती है | भगवती की यह स्तुति दस श्लोकों के माध्यम से की गयी है | ये दस श्लोक दस महाविद्याओं (देवियों) के द्योतक हैं | 

स्तुति  :- 

युधिष्ठिर उवाच 

       नमस्ते परमेशानि ब्रह्मरूपे सनातनि ।
       सुरासुरजगद्वन्द्ये कामेश्वरि नमोऽस्तु ते ॥१॥  

युधिष्ठिर बोले – ब्रह्मरूपा सनातनी परमेश्वरी ! आपको नमस्कार है | देवताओं,असुरों और सम्पूर्ण विश्व द्वारा वन्दित कामेश्वरी ! आपको नमस्कार है |

       न ते प्रभावं जानन्ति ब्रह्माद्यास्त्रिदशेश्वराः ।
       प्रसीद जगतामाद्ये कामेश्वरि नमोऽस्तु ते ॥ २ ।

जगत् की आदिकारणभूता कामेश्वरी ! आप के प्रभाव को ब्रह्मा आदि देवेश्वर भी नहीं जानते हैं; आप प्रसन्न हों, आपको नमस्कार है |

       अनादिपरमा विद्या देहिनां देहधारिणी ।
       त्वमेवासि जगद्वन्द्ये कामेश्वरि नमोऽस्तु ते ॥ ३।

जगद्वन्द्ये ! आप अनादि, परमा, विद्या, और देहधारियों की देह को धारण करने वाली हैं, कामेश्वरी ! आपको नमस्कार है |

       त्वं बीजं सर्वभूतानां त्वं बुद्धिश्चेतना धृतिः ।
       त्वं प्रबोधश्च निद्रा च कामेश्वरि नमोऽस्तु ते ॥ ४।

आप सभी प्राणियों की बीजरूपा हैं, आप ही बुद्धि, चेतना, और धृति हैं, आप ही जागृति और निद्रा हैं | कामेश्वरी ! आपको नमस्कार हैं | 

       त्वामाराध्य महेशोऽपि कृतकृत्यं हि मन्यते।
       आत्मानं परमात्माऽपि कामेश्वरि नमोऽस्तु ते ॥ ५।

आपकी आराधना करके परमात्मा शिव भी अपने –आपको को कृतकृत्य मानते हैं, कामेश्वरी !  आपको नमस्कार है |

       दुर्वृत्तवृत्त संहर्त्रि  पापपुण्यफलप्रदे।
       लोकानां ताप संहर्त्रि  कामेश्वरि नमोऽस्तु ते ॥ ६ ॥

दुराचारियों के दुराचरण का संहार करने वाली, पाप –पुण्य के फल को देने वाली तथा सम्पूर्ण लोकों के ताप का नाश करने वाली कामेश्वरी ! आपको नमस्कार है | 

       त्वमेका सर्वलोकानां सृष्टिस्थित्यन्तकारिणी । 
       करालवदने कालि कामेश्वरि नमोऽस्तु ते ॥ ७ ॥

आप ही एकमात्र समस्त लोकों की सृष्टि, स्थिति, और विनाश करने वाली हैं | विकराल मुखवाली काली कामेश्वरी ! आपको नमस्कार है |  

       प्रपन्नार्तिरहरे मातः सुप्रसन्न मुखाम्बुजे | 
       प्रसीद परमे पूर्णे कामेश्वरि नमोऽस्तु ते ॥८ ॥

शरणागतों की पीड़ा का नाश करने वाली, कमल के समान सुन्दर और प्रसन्न मुख वाली माता ! आप मुझ पर प्रसन्न हों | परमे ! पूर्णे ! कामेश्वरी ! आपको नमस्कार है |

       त्वामाश्रयन्ति ये भक्त्या यान्ति चाश्रयतां तु ते।
       जगतां त्रिजगद्धात्रि कामेश्वरि नमोऽस्तु ते ॥ ९ ॥

जो भक्तिपूर्वक आपके शरणागत हैं, वे संसार को शरण देने योग्य हो जाते हैं | तीनों लोकों का पालन करने वाली देवी कामेश्वरी ! आपको नमस्कार है |

       शुद्धज्ञानमये पूर्णे प्रकृतिः सृष्टिभाविनी। 
       त्वमेव मातर्विश्वेशि कामेश्वरि नमोऽस्तु ते ॥ १०॥

आप शुद्ध ज्ञानमयी, सृष्टि को उत्पन्न करने वाली पूर्ण प्रकृति हैं | आप ही विश्व की माता हैं ,कामेश्वरी ! आपको नमस्कार है | 

“इस प्रकार श्रीमहाभागवतपुराण के अन्तर्गत श्री युधिष्ठिर जी द्वारा कामेश्वरी स्तुति सम्पूर्ण हुई” | 

वैदिक पद्धति से विशिष्ट पूजा-पाठ, यज्ञानुष्ठान, षोडश संस्कार, वैदिकसूक्ति पाठ, नवग्रह जप आदि के लिए हमारी साइट vaikunth.co पर जाएं तथा अभी बुक करें | 

Vaikunth Blogs

कालसर्प दोष क्या है? जानें इसके लक्षण एवं निवारण
कालसर्प दोष क्या है? जानें इसके लक्षण एवं निवारण

प्राचीन धर्मग्रन्थों के अनुसार कालसर्प दोष दृष्टिगोचर होता है। कालसर्प दोष के कारण व्यक्ति के जीवन म...

जन्मदिन पूजा का महत्व एवं लाभ
जन्मदिन पूजा का महत्व एवं लाभ

जन्मदिवस हर एक व्यक्ति के जीवन का विशेष दिन होता है। आखिर हो भी क्यों ना, क्योंकि इसी दिन करोड़ों यो...

अक्षय तृतीया 2024:- जानें शुभ दिन, मुहूर्त तथा धार्मिक महत्ता ।
अक्षय तृतीया 2024:- जानें शुभ दिन, मुहूर्त तथा धार्मिक महत्ता ।

वैशाख मास के शुक्लपक्ष की तृतीया को अक्षय तृतीया कहा जाता है । भविष्यपुराण के अनुसार अक्षय तृतीय के...

Bhai Dooj 2023: तिलक का शुभ मुहूर्त और यमुना स्नान का विशेष महत्व
Bhai Dooj 2023: तिलक का शुभ मुहूर्त और यमुना स्नान का विशेष महत्व

भाईदूज एक दूसरे के प्रति भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को दर्शाता है। हर वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष क...

Hanuman Jayanti 2024:  Date, Auspicious Time and Spiritual Significance
Hanuman Jayanti 2024: Date, Auspicious Time and Spiritual Significance

Hanuman Jayanti is marked by the birth anniversary of Lord Hanuman and is celebrated by Hindus all o...

समस्त जगत् को आश्रय प्रदान करने वाली , तथा संतापों को हरने वाली माता पार्वती की करें यह  मत्स्य पुराण में वर्णित पार्वती स्तुति का पाठ
समस्त जगत् को आश्रय प्रदान करने वाली , तथा संतापों को हरने वाली माता पार्वती की करें यह मत्स्य पुराण में वर्णित पार्वती स्तुति का पाठ

श्री मत्स्यपुराण के अन्तर्गत भक्तप्रवर श्री वीरक के द्वारा पार्वती स्तुति की गयी है | इस स्तुति में...

 +91 |

By clicking on Login, I accept the Terms & Conditions and Privacy Policy

Recovery Account